In short
- RSSB अध्यक्ष मेजर जनरल अलोक राज के नाम से बने फर्जी टेलीग्राम चैनल ने CET अभ्यर्थी की फीस भरवाने के नाम पर QR कोड से 100-200 रुपये की 'मदद' मांगी।
- अध्यक्ष ने कहा कि ऐसा कोई संदेश उन्होंने नहीं भेजा, गलती से भी किसी मैसेज या QR कोड पर पैसे न दें और इस चेतावनी को सबसे साझा करें।
- बोर्ड से जुड़ी हर आधिकारिक सूचना केवल rssb.rajasthan.gov.in और अध्यक्ष के सत्यापित चैनलों से लें; ठगी दिखे तो 1930 पर या cybercrime.gov.in पर शिकायत करें।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) की सामान्य पात्रता परीक्षा यानी CET सीनियर सेकेंडरी 2026 के आवेदन की आखिरी तारीख से ठीक पहले प्रदेश के अभ्यर्थियों के बीच एक नए ढंग की ऑनलाइन ठगी सामने आई है। बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल अलोक राज के नाम और तस्वीर से बनाए गए एक फर्जी टेलीग्राम चैनल पर QR कोड लगाकर अभ्यर्थियों से पैसे मांगे गए, और बात फैलने पर अध्यक्ष को खुद सामने आकर सफाई देनी पड़ी।
फर्जी पोस्ट के अगले ही दिन, 21 जुलाई को, अलोक राज ने अपने सत्यापित एक्स हैंडल से दो टूक कहा, "ये मेरे नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है, ऐसा कोई मैसेज मैंने नहीं दिया है। गलती से भी इस प्रकार के मैसेज और QR कोड पर कोई पैसे न दें, सभी से इसे शेयर करें, प्लीज़।"
ये मेरे नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है, ऐसा कोई मैसेज मैंने नहीं दिया है गलती से भी इस प्रकार के मैसेज और QR code पर कोई पैसे न दें, सभी से इसे शेयर करें, प्लीज़। pic.twitter.com/Rs94L1tcl9
Alok Raj (@alokrajRSSB), July 21, 2026
फर्जी पोस्ट में क्या था
जिस पोस्ट का स्क्रीनशॉट सामने आया है, वह 20 जुलाई को डाली गई थी। उसमें एक UPI भुगतान वाला QR कोड लगा था और साथ में लिखा था कि "इस अभ्यर्थी" को CET 12वीं लेवल का फॉर्म भरना है, पहली बार OTR करने पर फीस 600 रुपये है, 23 जुलाई आखिरी तारीख है यानी तीन दिन बचे हैं, इसलिए सभी लोग 100-200 रुपये, जितनी मदद हो सके, कर दें और इस पोस्ट को सबसे शेयर करें।
गौर से देखें तो यह ठगी का सधा हुआ तरीका है, जिसमें एक साथ कई चालें चली गई हैं। रकम जान-बूझकर छोटी रखी गई है, क्योंकि 100-200 रुपये देने से पहले कोई ज्यादा सोचता नहीं और हजारों लोगों तक पोस्ट पहुंचे तो छोटी रकमें ही बड़ी हो जाती हैं। फीस की रकम और आखिरी तारीख असली रखी गई है, ताकि पोस्ट भरोसेमंद लगे। किसी गरीब अभ्यर्थी की "मदद" का भावनात्मक सहारा लिया गया है, और आखिर में पोस्ट को शेयर करने की अपील जोड़ी गई है, ताकि ठगी का जाल खुद अभ्यर्थियों के हाथों ही फैलता जाए। संदेश की टूटी-फूटी भाषा भी अपने आप में एक संकेत है कि यह किसी आधिकारिक पद पर बैठे व्यक्ति का लिखा नहीं हो सकता।
अध्यक्ष की असली मौजूदगी, इसीलिए कारगर निशाना
मेजर जनरल अलोक राज बोर्ड की परीक्षाओं, परिणामों और भर्तियों से जुड़ी जानकारियां अपने सत्यापित सोशल मीडिया चैनलों पर लगातार साझा करते रहे हैं, और अभ्यर्थियों के बीच उनकी बात का वजन है। ठगों ने इसी भरोसे को हथियार बनाया: नाम, फोटो और अंदाज वही, बस चैनल नकली। स्क्रीनशॉट में दिख रहे इस फर्जी चैनल पर हजारों की संख्या में सब्सक्राइबर तक नजर आ रहे हैं, जिससे अंदाजा लगता है कि ऐसे नकली अकाउंट कितनी आसानी से असली होने का भ्रम खड़ा कर लेते हैं।
यह पैटर्न अकेले राजस्थान का भी नहीं है। फरवरी 2024 में CBSE तक को अपने नाम से चल रहे 30 फर्जी एक्स हैंडलों की सूची सार्वजनिक कर बाकायदा एडवाइजरी जारी करनी पड़ी थी। परीक्षा संस्थाओं और उनके अधिकारियों के नाम का ऐसा दुरुपयोग अब ठगी का आजमाया हुआ रास्ता बन चुका है, और उसका इलाज हर बार वही है: सत्यापित चैनल की पहचान।
यही वजह है कि अध्यक्ष की चेतावनी सिर्फ एक खंडन नहीं है। यह अभ्यर्थियों के लिए सीधा नियम है कि किसी अकाउंट पर बोर्ड अध्यक्ष का नाम या फोटो लगा होने भर से वह आधिकारिक नहीं हो जाता, और भुगतान या निजी जानकारी मांगने वाला हर संदेश सबसे पहले शक के दायरे में रखा जाना चाहिए।
असली फीस और आवेदन का सच
CET सीनियर सेकेंडरी 2026 के लिए आवेदन 24 जून से 23 जुलाई 2026 तक भरे जा रहे हैं और परीक्षा 23 से 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित है। पहली बार वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) कराने पर सामान्य वर्ग के लिए शुल्क 600 रुपये और आरक्षित वर्गों के लिए 400 रुपये है। ध्यान देने की बात यह है कि यह शुल्क केवल SSO पोर्टल से आवेदन भरते समय ऑनलाइन जमा होता है। न बोर्ड, न उसका कोई अधिकारी, किसी टेलीग्राम चैनल या निजी QR कोड से फीस, चंदा या "मदद" इकट्ठा करता है।
इसी तरह यह भी याद रखने लायक है कि सरकारी भर्ती परीक्षा में मदद, नंबर बढ़ाने या चयन कराने का कोई भी दावा अपने आप में फर्जी और गैरकानूनी होता है। कोई वैध संस्था या अधिकारी परीक्षा से जुड़े किसी काम के बदले पैसे नहीं मांगता।
अभ्यर्थियों को सलाह है कि परीक्षा तिथि, प्रवेश पत्र, परिणाम या दस्तावेज सत्यापन जैसी हर आधिकारिक सूचना केवल बोर्ड की वेबसाइट rssb.rajasthan.gov.in और अध्यक्ष के सत्यापित चैनलों से ही लें, और किसी भी अनजान अकाउंट पर भरोसा करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांच लें।
ठगी दिखे तो क्या करें
ऐसा कोई संदेश या चैनल मिलने पर सबसे पहला नियम यही है कि QR कोड स्कैन न करें और कोई भुगतान न करें। संदेश और अकाउंट का स्क्रीनशॉट सबूत के तौर पर सुरक्षित रख लें और टेलीग्राम पर उस अकाउंट को रिपोर्ट करें। इसके बाद राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर या cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं। बोर्ड से जुड़े फर्जीवाड़े की सूचना बोर्ड की विजिलेंस ईमेल VIGILANCE.RSSB@RAJASTHAN.GOV.IN पर भी भेजी जा सकती है, जिसे अध्यक्ष खुद अभ्यर्थियों के बीच साझा करते रहे हैं। और अगर किसी ने झांसे में आकर पैसे भेज दिए हैं, तो जितनी जल्दी 1930 पर शिकायत होगी, रकम रुकने की उम्मीद उतनी ही ज्यादा रहेगी।
सबसे आखिर में वही बात, जो अध्यक्ष ने खुद कही: इस चेतावनी को अपने साथी अभ्यर्थियों तक पहुंचाएं। ठग जिस शेयर बटन से अपना जाल फैलाना चाहते थे, वही बटन सही जानकारी फैलाकर उनका जाल काट भी सकता है।
राजस्थान में CET अब 12वीं स्तर की सरकारी भर्तियों का पहला दरवाजा बन चुकी है और अक्टूबर की परीक्षा की तैयारी में लाखों युवा लगे हैं। परीक्षा का दबाव और फीस की चिंता, दोनों ठगों के लिए मौका हैं। ऐसे में हर अभ्यर्थी की सबसे मजबूत ढाल एक ही आदत है: भरोसा सिर्फ आधिकारिक स्रोतों पर।