आजकल बाथरूम में फोन ले जाना एक आम आदत बन गई है। पहले लोग अख़बार या मैगज़ीन लेकर बैठते थे, लेकिन अब उनकी जगह मोबाइल फोन ने ले ली है। कोई ताज़ी खबरें पढ़ता है, तो कोई नोटिफिकेशन चेक करता है, चैटिंग करता है या फिर सोशल मीडिया और रील्स में डूब जाता है। कई लोग इसे ‘मी-टाइम’ भी मानते हैं। यह सब इतना सामान्य हो गया है कि हमें इसमें कोई हर्ज़ नजर नहीं आता। लेकिन हाल ही में हुई एक स्टडी ने चेतावनी दी है – यह आदत आपकी सेहत को बड़ा नुकसान पहुँचा सकती है। शोध में पाया गया है कि टॉयलेट पर मोबाइल इस्तेमाल करने वालों में बवासीर (Piles/Hemorrhoids) का खतरा 46% तक बढ़ जाता है।
बवासीर क्या है?
बवासीर एक ऐसी स्थिति है जिसमें गुदा (anus) और मलाशय (rectum) की नसों पर दबाव बढ़ जाता है और वे सूज जाती हैं।
इसके लक्षण आमतौर पर ये होते हैं:
- गुदा क्षेत्र में दर्द और सूजन
- खुजली या जलन
- मलत्याग के दौरान खून आना
- बैठने या चलने में असहजता
भारत में यह समस्या काफी आम है और ज्यादातर लोग शर्म या जागरूकता की कमी के कारण समय पर इलाज नहीं कराते।
टॉयलेट + मोबाइल का रिश्ता
असली खतरा मोबाइल फोन नहीं है, बल्कि उसके कारण टॉयलेट पर ज्यादा देर तक बैठना है।
रिसर्च के अनुसार, जो लोग फोन इस्तेमाल करते हैं उनमें से बड़ी संख्या टॉयलेट में 5 मिनट से ज्यादा रुकती है। दूसरी ओर, बिना फोन वालों का औसत समय बहुत कम होता है।
ज्यादा देर तक बैठने से मलाशय की नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे बवासीर की संभावना बढ़ जाती है।
पहले अख़बार, अब मोबाइल: फर्क क्या है?
पहले लोग टॉयलेट में अख़बार या पत्रिकाएँ लेकर बैठते थे। यह भी नुकसानदेह था क्योंकि इससे भी समय बढ़ता था। लेकिन मोबाइल फोन ने इस आदत को और खतरनाक बना दिया है क्योंकि:
- अख़बार सीमित होता था, जबकि मोबाइल में अनंत कंटेंट है।
- सोशल मीडिया और रील्स का endless scroll लोगों को 10–15 मिनट तक भी रोके रखता है।
- नोटिफिकेशन और मैसेज बार-बार ध्यान खींचते हैं।
क्यों बढ़ गया है टॉयलेट में फोन का इस्तेमाल?
- बोरियत मिटाने के लिए → बिना फोन के 5 मिनट भी बोरिंग लगता है।
- प्राइवेट मी-टाइम → टॉयलेट को लोग पर्सनल स्पेस मानते हैं।
- कामकाजी लोगों का बहाना → ऑफिस या घर में छुपकर फोन चेक करने का सबसे आसान तरीका।
- चैटिंग/रील्स की लत → डोपामाइन हिट दिमाग को रोकने नहीं देती।
- गलतफहमी (Myth) → लोग सोचते हैं कि ज्यादा देर बैठने से पेट अच्छे से साफ़ होगा, जबकि सच इसका उल्टा है।
डॉक्टरों की चेतावनी
CMC Vellore से प्रशिक्षित डॉक्टरों और हालिया शोध में यह स्पष्ट कहा गया है कि टॉयलेट पर ज्यादा देर बैठना सीधे तौर पर बवासीर के खतरे को बढ़ाता है।
विशेषज्ञों की राय:
- टॉयलेट टाइम 5 मिनट से कम रखें।
- फोन को बाथरूम से बाहर छोड़ें।
- मलत्याग को आराम से करें, ज़बरदस्ती न करें।
बचाव और स्वस्थ आदतें
बवासीर से बचने के लिए जीवनशैली में ये बदलाव जरूरी हैं:
- फाइबर युक्त आहार लें – फल, सब्ज़ियाँ, साबुत अनाज।
- पर्याप्त पानी पिएं – डिहाइड्रेशन से कब्ज़ बढ़ता है।
- नियमित व्यायाम करें – शरीर एक्टिव रहेगा तो पाचन दुरुस्त रहेगा।
- टॉयलेट को मनोरंजन की जगह न बनाएं – सिर्फ ज़रूरी समय ही दें।
निष्कर्ष
मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा है, लेकिन टॉयलेट में इसका इस्तेमाल आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है। यह आदत छोटी और मासूम लग सकती है, मगर नतीजा गंभीर बीमारी हो सकता है।
अब समय आ गया है कि आप अपनी इस आदत को बदलें।
👉 क्या आप भी बाथरूम में फोन ले जाते हैं? अगली बार सोच-समझकर कदम उठाइए—क्योंकि 5 मिनट की लापरवाही आपको बवासीर का मरीज बना सकती है।