नई दिल्ली, 23 सितंबर 2025 – एक 13 वर्षीय अफगान लड़के ने अपनी जिज्ञासा और साहसिकता के चलते एक खतरनाक यात्रा की, जो न केवल उसकी जीवित रहने की इच्छा को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि कभी-कभी बच्चों में साहस और जिज्ञासा कितनी बड़ी हो सकती है। यह घटना 21 सितंबर 2025 की है, जब एक कम एयर (Kam Air) की उड़ान काबुल से दिल्ली आई और उसमें एक 13 वर्षीय लड़का छिपा हुआ था।
घटना का विवरण
रविवार, 21 सितंबर 2025 को, कम एयर की उड़ान संख्या RQ-4401 काबुल से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुबह लगभग 11 बजे पहुंची। विमान के उतरने के बाद, एयरलाइन कर्मचारियों ने एक लड़के को विमान के पास घूमते हुए पाया। वह लड़का न केवल विमान के पास था, बल्कि वह विमान के लैंडिंग गियर (पहिये के कम्पार्टमेंट) में छिपकर यात्रा कर रहा था। यह देखकर सभी हैरान रह गए कि वह लड़का जीवित था, क्योंकि इस प्रकार की यात्रा में जीवित बचना अत्यंत दुर्लभ है।
लड़के का बयान
लड़के ने अधिकारियों से बातचीत में बताया कि उसने काबुल हवाई अड्डे पर विमान में चुपके से प्रवेश किया और लैंडिंग गियर में छिप गया। उसका उद्देश्य अफगानिस्तान से भागकर ईरान जाना था, लेकिन उसे यह जानकारी नहीं थी कि यह विमान दिल्ली जा रहा है। उसने यह कदम “जिज्ञासा” के कारण उठाया था। उसके पास एक छोटा लाल रंग का ऑडियो स्पीकर भी मिला, जो संभवतः उसी का था।
यात्रा की कठिनाइयाँ
लड़के ने लगभग 620 मील (1000 किलोमीटर) की दूरी तय की, जो लगभग 90 मिनट की उड़ान थी। इस दौरान वह विमान के लैंडिंग गियर में छिपा रहा। विमान की ऊंचाई लगभग 36,000 फीट (11,000 मीटर) थी, जहाँ तापमान -60 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है और ऑक्सीजन का स्तर भी कम होता है। इस प्रकार की यात्रा में जीवित रहने की संभावना बहुत कम होती है, लेकिन यह लड़का इस खतरनाक यात्रा में जीवित बच गया।
अधिकारियों की कार्रवाई
विमान के दिल्ली पहुंचने के बाद, एयरलाइन कर्मचारियों ने लड़के को हिरासत में लिया और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के अधिकारियों के पास भेजा। अधिकारियों ने उसकी पहचान की और पाया कि वह काबुल के कुंदुज शहर का निवासी था। इसके बाद, उसे उसी दिन दोपहर में काबुल वापस भेज दिया गया।
सुरक्षा चिंताएँ
इस घटना ने हवाई अड्डे की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। कैसे एक 13 वर्षीय लड़का बिना किसी को बताए विमान में चुपके से प्रवेश कर सकता है? यह घटना यह दर्शाती है कि हवाई अड्डों की सुरक्षा में कुछ खामियाँ हो सकती हैं, जिन्हें सुधारने की आवश्यकता है।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य
इससे पहले भी ऐसी घटनाएँ सामने आई हैं, जब लोग हवाई जहाज के लैंडिंग गियर में छिपकर यात्रा करने की कोशिश करते हैं। इनमें से अधिकांश घटनाओं में लोग या तो यात्रा के दौरान गिरकर मारे गए हैं या अत्यधिक ठंड और ऑक्सीजन की कमी के कारण उनकी मृत्यु हो गई है। उदाहरण के लिए, 2021 में काबुल हवाई अड्डे से भागने की कोशिश में कई लोग विमान के लैंडिंग गियर में चढ़ गए थे, जिनमें से कई लोग उड़ान के दौरान गिरकर मारे गए थे।
निष्कर्ष
यह घटना यह दर्शाती है कि कभी-कभी बच्चों में साहस और जिज्ञासा इतनी प्रबल होती है कि वे अपनी जान को भी जोखिम में डालने से नहीं डरते। यह हमें यह सोचने पर मजबूर करती है कि क्या हम बच्चों को सही मार्गदर्शन और सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं। साथ ही, यह हवाई अड्डों की सुरक्षा प्रणालियों की समीक्षा करने की आवश्यकता को भी उजागर करती है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।